गौरेला -पेंड्रा – मरवाही – ग्राम पंचायत पदगवां में गुरुवार को प्रशासन और पंचायत के संयुक्त प्रयास से शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत सरपंच, सभी पंचों की सहमति और तहसीलदार व पटवारी की मौजूदगी में की गई। ग्राम के खसरा नंबर 874/2 की यह भूमि काफी समय से अवैध कब्जे में थी।

जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि पर स्थानीय निवासी ने वर्षों पहले कब्जा कर लिया था और धीरे-धीरे उस पर निर्माण कार्य भी करने लगा। प्रशासन के मुताबिक यह जमीन शासकीय होने के बावजूद कब्जाधारी ने न सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि हाल ही में इस भूमि को तीसरे पक्ष को बेच भी दिया। आश्चर्यजनक रूप से जिस व्यक्ति को यह जमीन बेची गई, उसी ने आगे आकर इसका उपयोग करना शुरू कर दिया था। इससे ग्राम में लगातार विवाद की स्थिति बनी रही।

ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचों ने इस समस्या को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया। तहसीलदार और पटवारी ने मौके का निरीक्षण करते हुए राजस्व रिकॉर्ड की जांच की। दस्तावेजों में स्पष्ट हुआ कि खसरा नंबर 874/2 की भूमि शासकीय खातों में दर्ज है और इसे किसी भी व्यक्ति को निजी इस्तेमाल या बिक्री के लिए अधिकृत नहीं किया जा सकता।

कार्रवाई का क्रम
गुरुवार सुबह पंचायत भवन में हुई विशेष बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक टीम व ग्राम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बावजूद कब्जाधारियों ने सहयोग नहीं किया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कब्जा हटवाया और भूमि को सरकारी रिकार्ड अनुसार सुरक्षित किया।

तहसीलदार ने मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि शासकीय जमीन की बिक्री करना कानूनन अपराध है और इस पूरे मामले की जांच कर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पटवारी द्वारा मौके पर नापजोख कर यह पुष्टि की गई कि भूमि वास्तव में राजस्व विभाग के नाम दर्ज है।

ग्रामवासियों में संतोष
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ऐसे अवैध कब्जों को समय रहते नहीं रोका जाए, तो भविष्य में पंचायत की शासकीय भूमि धीरे-धीरे निजी हाथों में चली जाएगी और आम नागरिकों को विकास कार्यों, चरनोई भूमि और सामुदायिक उपयोग हेतु परेशानी उठानी पड़ेगी।

ग्रामीणों का यह भी कहना था कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान आखिरकार पंचायत और प्रशासन की सख्ती से हो पाया है। कई बार इस जमीन को लेकर विवाद और झगड़े भी सामने आ चुके थे। कार्रवाई के बाद अब ग्रामवासियों का मानना है कि ऐसी शक्तिशाली उदाहरण से अन्य लोग भी सबक लेंगे और शासकीय भूमि पर कब्जा करने की हिम्मत नहीं करेंगे।

भविष्य की योजना
ग्राम पंचायत पदगवां ने इस मुक्त कराई गई शासकीय भूमि को आगामी समय में आमजन के उपयोग हेतु सुरक्षित रखने का संकल्प लिया है। सरपंच ने कहा कि भूमि को पंचायत के नाम से दर्ज कर संरक्षित किया जाएगा ताकि आने वाले समय में इस पर कोई भी व्यक्ति अवैध दावा न कर सके। साथ ही, पंचायत की योजना है कि यहां पर सामुदायिक भवन, पार्क या अन्य विकास कार्य किए जाएं, जिससे पूरे ग्राम को लाभ मिल सके।

प्रशासन का संदेश
तहसील प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से यह संदेश दिया है कि शासकीय संपत्ति पर कब्जा करना या उसे बेचना आपराधिक कृत्य है। ऐसे मामलों में कानून कठोर कार्रवाई करेगा और दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जाएंगे।

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