गौरेला पेंड्रा मरवाही – 8 जून 2026 रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच दुर्गा चौक मे हुई मार पीट का पूरा मामला एक ही व्यक्ति के इर्दगिर्द घूमता हैं औऱ उसी के कारण यह घटना घटित हुई नाम हैं आशीष सिंह, बताते हैं की घटना का मुख्य कारण कोलबीरा मे स्थित आशीष सिंह के नाम से रेत भंडारण एवं उनके पार्टनर सत्यम सिंह प्रयागराज (उ. प्र.) एवं अंश प्रताप सिंह (छ. ग.) के बीच पैसो के लेने देन की वजह से पिछले साल 27.1.2025 को प्रमाणित लिखित अनुबंध को आशीष सिंह के द्वारा पूर्ण ना करने की वजह से इनके बीच चल रहा था
सत्यम सिंह एवं अंश प्रताप सिंह द्वारा बताया गया की आशीष सिंह के साथ हमारी पार्टनर शिप तय हुई,चुकी आशीष सिंह जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही के ग्राम खैरझिटी थाना गौरेला मे रहता हैं एवं जिला माइनिंग कार्यालय के सबसे ज्यादा करीब निवासी होने से माइनिंग कार्यालय मे होने वाली कागजी प्रक्रिया मे आने जाने एवं कागजी प्रक्रिया को पूर्ण करने मे आशीष सिंह को आसानी होंगी इस वजह से रेत भंडारण उसके नाम से लिया गया एवं अनुलिखित दिनांक 27.1.2025 को पंजीकृत अनुबंध पत्र मे पूरी लिखपढ़ी पार्टनर शिप की कराई गई
भ्रम मे रख कर दो अनुबंध करना बना था मारपीट का कारण
सत्यम सिंह द्वारा बताया गया की पिछले लगभग डेढ़ वर्षो से आशीष सिंह द्वारा भंडारण मे रेत खरीदने एवं बेचने का काम किया जा रहा हैं परन्तु आशीष सिंह से पूछने पर बोल दिया जाता था की काम नहीं चल पा रहा हैं भाई, फिर सत्यम सिंह के द्वारा पतासाजी करने पर पता चला की आशीष सिंह द्वारा सत्यम सिंह एवं अंश सिंह को बिना बताये आशीष सिंह ने किसी औऱ के साथ अनुबंध कर लिया हैं औऱ उनके साथ मिलकर काम कर रहा हैं उसने फ़ौरन फ़ोन करके अंश सिंह को यह सब बताया औऱ कहा की भाई तुम जिले के करीब रहते हो जाकर भंडारण मे देखो की क्या हो रहा हैं अंश भंडारण पहुंचता हैं तो देखता हैं की वहा पर रेत डंप हो रहा हैं ड्राइवर से पूछने पर पता चलता हैं की यह रेत अविनाश पंजाबी निवासी पेंड्रा द्वारा कराया जा रहा हैं अंश सिंह द्वारा बताया गया की ड्राइवर से मो.नं लेके के अविनाश पंजाबी से बात करने पर पता चला की आशीष सिंह ने बिना बताये कुलदीप शुक्ला निवासी पेंड्रा औऱ अविनाश पंजाबी से भी पार्टनर शिप की लिखा पढ़ी कर रखी हैं अंश सिंह ने कहा की आप लोग दो दिन रुक जाइये औऱ पहले पूरी जानकारी आपस मे बैठ के समझ लीजिये, परन्तु कुलदीप शुक्ला एवं अविनाश पंजाबी द्वारा कहा गया की हम आपसे बात क्यू करें हम काम करेंगे आप को जो बात करनी हैं आशीष सिंह से कीजिये





यू. पी. से गुंडे आये हैं भ्रम फैला कर की गई थी बीच चौक मे मार पिट
सत्यम सिंह से बातचीत के दौरान पता चला की वो 7 तारीख़ को शाम को पेंड्रा पहुंचे औऱ दूसरे दिन वह माइनिंग कार्यालय गए औऱ पूरी घटना की जानकारी दी इस उम्मीद मे की शायद वहा से कुछ मदत मिल सके परन्तु भंडारण आशीष सिंह के नाम से था तो माइनिंग कार्यालय भी इसमें कुछ भी मदत सत्यम सिंह औऱ अंश सिंह नहीं कर सकता था ऐसा सत्यम सिंह औऱ अंश सिंह ने बताया, अपने वकील से बात करने पर उन्हें सिर्फ एक ही विकल्प मिला की अनुबंध के आधार पर आप न्यायालय से स्टे आर्डर के लिए अपील कर सकते हैं इस दौरान सत्यम सिंह लगातार आशीष सिंह से मोबाइल मे संपर्क करने का प्रयास करते रहे पर आशीष सिंह द्वारा फ़ोन नहीं उठाया गया

आपसी बात करने पर यह निष्कर्ष निकला की आशीष फ़ोन नहीं उठा रहा हैं तो कुलदीप शुक्ला से बात करके पुरे मसले का हल निकलने का प्रयास किया जाए अंश सिंह द्वारा कुलदीप शुक्ला को फ़ोन करके मिल करके बात करने की बात हुई तब दोनों पक्ष घटना स्थल पर मिले औऱ बिना बात किये कुलदीप शुक्ला अविनाश पंजाबी प्रियांशु साहू, हिमांशु साहू, स्वयम केशरी व अन्य साथियो द्वारा सत्यम सिंह अंश सिंह व अन्य पर लाठी डंडे से प्रहार किया गया औऱ जब लोगो की भीड़ इकठ्ठा होने लगी तो यह बोला गया की यू. पी. से गुंडे बुला कर हमारे साथ मार पिट की जा रही हैं
सोचने समझने योग्य बाते
* सत्यम सिंह अपनी कार से आये थे जिसका नं. यू. पी. का था औऱ एक माह पूर्व सराफा व्यापारी की जो हत्या हुई उसके तार यू. पी. बिहार झारखंड से जुड़े थे इसलिए ऐसा बोला गया की यू. पी. से गुंडे आये हैं ताकि इकठ्ठा हो रही भीड़ मे आक्रोश भरा जा सके
*कुलदीप शुक्ला जो की नगर पालिका पेंड्रा मे वार्ड क्र. 7 से भाजपा के पार्षद हैं औऱ अविनाश पंजाबी प्रियांशु साहू भाजपा युवा मोर्चा के जिला पदाधिकारी हैं| क्या? आशीष सिंह इनका सहारा लेकर सत्यम सिंह औऱ अंश सिंह से मारपीट कर इनको डराना चाहता था ताकि जो राशि सत्यम सिंह औऱ अंश सिंह ने भंडारण लेने हेतु साथ मे व्यय की थी उसे वापस ना करना पड़े
निष्पक्ष जांच की मांग
दोनों पक्षों की FIR दर्ज होने के बाद अब पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो घटना का सच सामने आ जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई संभव हो सकेगी।
