पेंड्रा। भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर सकोला तहसील दार के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। जहां किसान संघ के द्वारा अपनी 17 मांग रखी गई है। जिसमें गौ वदन योजना लागू की जाए तथा गौ माता के पोषण संरक्षण व संवर्द्धन हेतु एवं जहर मुक्त गौ आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा गौ माता को पुन घरों में प्रतिस्थापित करने हेतु प्रत्येक गी पालक को 1000 /- प्रति गाय प्रति माह अनुदान दिया जाए। 2. धान पर प्रतिवर्ष 3100 की राशि में केंद्र ‌द्वारा समर्थन मूल्य में बढ़ाई गई राशि जोड़कर किसानों को दी जाए। 3. पूर्ववर्ती सरकार की किसान न्याय योजना की लंबित चौथी किश्त की राशि किसानों तत्काल भुगतान की जाए। 4. धान खरीदी पूर्ववत् एक नवंबर से प्रारंभ की जाए। 5. सभी फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाए प्रदेश में दलहन तथा तिलहन का रकबा बढ़ाने हेतु तथा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु धान के अतिरिक्त अन्य फसलों पर प्रति एकड 20,000/- की आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) दी जाये। 6. रुकी हुई सिंचाई परियोजना को शीघ्र पूर्ण किया जाए एवं नवीन परियोजनाओं की रुपरेखा बनाने दक्ष लोगो की समिति गठित की जाए। 7. गन्ने का मूल्य विगत कई वर्षों से 355/- प्रति क्विटल पर स्थिर है इसे बढ़ाकर 500/- प्रति क्विंटल किया जाए। कवधी जिले में दो नये शक्कर कारखाने, कवधी व लोहारा ब्लॉक में खोले जाए। 8. ग्रामीण क्षेत्री में ट्रांसफार्मर खराब होने पर 3 दिनों के भीलर बदला जाय। 9. श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती करने वाले किसानों को 25,000/- प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दी जाए। 10. प्रत्येक तहसील में जेनरिक मेडिकल स्टोर की तर्ज पर जेनरिक कृषि केन्द्र खोला आए जहां कृषि से संबंधित सभी दवाएं टॉनिक उर्वरक आदि उचित मूल्य पर उपलब्ध हो। किसानों के फसल क्षतिग्रस्त होने पर आरबीसी 6/4 के तहत आपदा राहत राशि देने के लिए जमीन की अधिकतम सीमा 25 एकड़ से घटाकर 5 एकड़ कर दी गई है इसे पुनः 25 एकड़ किया जाये। 12. राजस्व संबंधित विषयों का निराकरण समय सीमा में किया जाए। राजस्व में भ्रष्टाचार दीमक तरह फैल गया है भ्रष्टाचार रोकने हेतु उपयुक्त उपाय किये जाए।13. किसान की अकाल मृत्यु होने पर उसे 10 लाख मुआवजा दिया जाए। 14. पूर्व की तरह सहकारी समितियों में चुनाव कराएं जाए। 15. केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर किसानों के मेधावी बच्चों के लिए स्कूल खोले जाएं एवं स्कूली पाठ्यक्रम में कृषि विषय जोड़ा जाए। 16. सहकारी समितियों व सोसायटी में पहले की तरह नगद में खाद्य एवं बीज प्रदान किया जाये। 17. सोन नदी जलाशय बांध से ग्राम पंचायत सेखवा के किसानों को सिंचाई के लिये पानी प्रदान किया आये एवं नदी को सौद‌यीकरण कराई जाये क्योंकि इस पावन नदी में लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। वहीं इस ज्ञापन देने के अवसर पर प्रमुख रूप से सीताराम कैवर्त जिला महामंत्री, सुशील चंद साहू तहसील अध्यक्ष, चंद्रभान केवट तहसील मंत्री, यशवंत सिंह अर्मो जिला युवा प्रमुख, राकेश त्रिपाठी, बाबू लाल केवट, शिव गुप्ता ,जगत राम टांडिया, शिवचंदेल सिंह एवं कैलाश केवट मुख्य रूप से रहें।

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