

पेंड्रा (छत्तीसगढ़), 20 दिसंबर 2025: पेंड्रा नगर पालिका क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला तूल पकड़ रहा है। मध्य नगर स्थित खसरा नंबर 2327/1, रकबा 3300 वर्ग फीट की यह जमीन शासकीय गौड़ी (चरागाह) और जलाऊ लकड़ी के लिए आरक्षित है, लेकिन कपिल श्रीवास्तव द्वारा इस पर तेजी से अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य चलाया जा रहा था।

शिकायतकर्ता अनिल सोनी ने बताया कि उन्होंने कई महीनों से नगर पालिका अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार एसडीएम कार्यालय में आवेदन करने पर 19 दिसंबर 2025 को स्थगन आदेश जारी हुआ, फिर भी 20 दिसंबर को निर्माण जारी रहा। पेंड्रा थाने की त्वरित कार्रवाई से कार्य रुकवाया गया।अनिल सोनी ने बताया, “यह जमीन शासकीय है, जो गौड़ी और जलाऊ लकड़ी के लिए सुरक्षित रखी गई है।
कपिल श्रीवास्तव ने बिना अनुमति के भारी मशीनों से खुदाई शुरू कर दी। हमने नगर पालिका के सीएमओ समेत कई अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन एसडीएम कार्यालय गए, जहां स्थगन आदेश मिला। आज सुबह भी निर्माण चल रहा था, तब थाने पहुंचे।” सोनी के अनुसार, स्थगन आदेश की प्रति दिखाने पर थाना प्रभारी ने तुरंत टीम भेजी और कार्य बंद कराया।
यह घटना नगर पालिका की लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी अवैध निर्माण को अनदेखा कर रहे हैं, जिससे शासकीय संपत्ति का नुकसान हो रहा है। पेंड्रा जैसे विकासशील नगर में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं, जहां अमीर और प्रभावशाली लोग बिना डर के सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण के दौर में शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।स्थानीय निवासियों ने भी चिंता जताई। पेंड्रा नगर पालिका के अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।सीएमओ ने फोन नहीं उठाया, जबकि एस डि एम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, स्थगन आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए और जमीन खाली कराई जाए। आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
पेंड्रा थाने के प्रभारी ने पुष्टि की कि शिकायत मिलते ही टीम भेजी गई और मशीनें हटवा दी गईं। उन्होंने कहा, “हम कानून के अनुसार कार्यवाही करेंगे। आगे की जांच चल रही है।”
पेंड्रा तहसील में शासकीय भूमि पर कब्जे की कई पुरानी शिकायतें लंबित हैं। खनन क्षेत्र होने से यहां आर्थिक हलचल ज्यादा है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग सरकारी जमीन पर प्लॉटिंग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने पहले भी ऐसे मामलों में बुलडोजर कार्रवाई की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी बनी हुई है। अनिल सोनी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जमीन खाली नहीं हुई तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पेंड्रा के नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि यह प्रकरण नजीर बने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

