जिसमें की बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित हुये I
कार्यक्रम का प्रारंभ गायत्री परिवार के माध्यम से मां गायत्री की पूजा अर्चना के साथ एक कुंडी महायज्ञ के साथ हुआ जिसमें की नगर के सम्माननीय नागरिकों ने एवं माता बहनों के द्वारा इस महायज्ञ में आहुति करते हुए अपने अंदर की विद्यमान बुराई को हवन कुंड में त्याग किया जिसमे की अधिक संख्या में मातृ शक्तिया उपस्थित हुई I
कार्यक्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए एकल गायन एवं नृत्य धार्मिक और देशभक्ति गीतों के माध्यम से बच्चों ने आत्मिक प्रस्तुति देते हुये सभी को मन्त्र मुग्ध कर दिया I जिससे की एक धार्मिक वातावरण उत्पन्न हुआI कार्यक्रम में राम लक्ष्मण एवं माता शबरी का नाट्य चित्रांकन करते हुए बहुत ही अलौकिक झांकी प्रस्तुत कीI झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हिंदू धर्म में कोई भी जाति बड़ी या छोटी नहीं होती है सभी एक समान है प्रभु श्री राम ने एक भीलनी महिला के हाथों से उनके झूठे बेर को खाया जो यह दर्शाता है कि हिंदू समाज में किसी प्रकार का भेदभाव सनातन काल से नहीं रहा है हम सब एक हैं और हिंदू हैं I
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सतनामी समाज के प्रमुख श्री छोटेलाल रात्रे एवं मुख्य वक्ता के रूप में श्री रूप नारायण सिंह जी अध्यक्ष योग आयोग छत्तीसगढ़ शासन रहे I मुख्य वक्ता जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि हम सब हिंदू भाई-भाई हैं पूर्व में मुगलों और विदेशी शक्तियों ने हमें दूर कर दिया था लेकिन हम सभी को एक रहना हैँ I पेंड्रा की भूमि ऑक्सी जोन की तरह है यहां शुद्ध वायु और वातावरण प्रदूषण मुक्त है उन्होंने कहा जिले का विकास हो परंतु पेंड्रा जिला के मूल स्वरूप को परिवर्तन किए बिना ही हम सभी को अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखना है यह हमारे व्यक्तिगत जिम्मेदारी है जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अब कमान आपके हाथों में है नगर को स्वच्छ रखना होगाI प्लास्टिक मुक्त जिला हो I उन्होंने बताया योग सिर्फ एक आसन ही नहीं है बल्कि एक जीवन जीने की पद्धति है जिसमें कि हम सूर्य उदय से लेकर रात्रि तक कैसे रहना है यह बताता है यह केवल मन अपितु तन को भी शुद्ध और आत्म शांति प्रदान करता हैI उन्होंने कुटुंब प्रबोधन के विषय में बताया कि हमें संयुक्त परिवार के रूप में रहना हैI साथ भोजन करना है साथ भजन करना हैI नागरिक कर्तव्य को निभाते हुए एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाना है I स्व का बोध होना है अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग अपने जीवन में करना हैI उच्च नीच के भाव को त्याग का सामाजिक समरसता का भाव अपने जीवन में लाना है Iउन्होंने भारत के इतिहास में अनेक क्रांतिकारी एवं महापुरुषों के विषय में अपने बातें रखी जिस्मे की बताया गया कि महापुरुषों ने अपने धर्म संस्कृति समाज के लिए अपना तन मन धन सब अर्पण कर दिया उन्हीं को आदर्श मानते हुए भी हमें अपने संस्कृति धर्म और संस्कार की रक्षा करते हुए आगे बढ़ाना है अपने बच्चों में हिंदू संस्कार डालने हैं विदेशी संस्कृति से उनको दूर रखने का आग्रह कियाी
कार्यक्रम का संचालन मात्र शक्तियों के द्वारा किया गयाI कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्व समाज के प्रमुख एवं पेंड्रा के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए जनप्रतिनिधियों में से सुश्री समीरा पैकरा अध्यक्ष जिला पंचायत, श्री उपेंद्र बहादुर सिंह उपाध्यक्ष जिला पंचायत, राष्ट्रीय स्वयं संघ के जिला संघचालक श्री तीरथ प्रसाद बड़गैया, गौ सेवा आयोग के जिला अध्यक्ष श्री राम जी श्रीवास और भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष श्री रमेश तिवारी जी सभी वार्डों के पार्षद, भारत विकास परिषद एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के उपस्थित हुएI कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन महिला मंडल की पदाधिकारी श्रीमती आरती सोनी द्वारा किया गया







